‘चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल, जनता सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों का हिसाब चुकता करने को तैयार’

‘चुनाव सत्ता का सेमीफाइनल, जनता सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों का हिसाब चुकता करने को तैयार’

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क(ONN)

हिमाचल में शहरी निकायों के चुनावों की घोषणा हो गई है और अब भाजपा कांग्रेस तैयारियों में जुट गई है. चुनावो की घोषणा होते ही भाजपा प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमलावर है. नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा आगामी स्थानीय निकाय और नगर निगम चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है और राज्य की जनता वर्तमान भ्रष्ट एवं निकम्मी सुक्खू सरकार के शासन से बुरी तरह त्रस्त हो चुकी है, जिसके कारण अब परिवर्तन की लहर साफ दिखाई दे रही है.

राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना का जयराम ठाकुर ने स्वागत किया. साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होनी चाहिए. क्योंकि सरकारी तंत्र के ढुलमुल रवैये और राजनीतिक दबाव के कारण पहले ही इन चुनावों में अनावश्यक देरी की जा चुकी है, जिससे लोकतंत्र की जमीनी इकाइयां प्रभावित हुई हैं.

सुक्खू सरकार पर प्रहार करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा, ‘पिछले तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार ने जिस तरह की दमनकारी नीतियां अपनाई हैं और जनहित के विरुद्ध फैसले लिए हैं, अब उनका जवाब देने का समय आ चुका है. राज्य की जनता, विशेषकर माताएं-बहनें, किसान-बागवान और बेरोजगार अपने वोट की शक्ति का प्रयोग करने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हैं. क्योंकि उन्हें चुनावी गारंटियों के नाम पर ठगा गया है और आज भी वे उन वायदों के पूरा होने की राह देख रहे हैं, जो कभी धरातल पर उतरे ही नहीं’.

पूर्व सीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रदेश पर टैक्स के रूप में जो भारी-भरकम बोझ थोपा जा रहा है, जनता उसका पूरा हिसाब चुकता करेगी. क्योंकि यह सरकार विकास के बजाय केवल काम रोकने और टालने की मंशा से कार्य कर रही है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि पंचायत चुनाव पिछले दिसंबर में ही संपन्न हो जाने चाहिए थे, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी सरकार की उदासीनता बनी हुई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास पूरी तरह ठप हो गया है.

केंद्र सरकार से मिलने वाली निरंतर सहायता के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने में नाकाम रही है और प्रशासनिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री का नियंत्रण ढीला पड़ चुका है. जहां भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और उच्चाधिकारी बेलगाम हो चुके हैं. मुख्यमंत्री झूठ बोलकर जनता को गुमराह करते हैं और बदले की भावना से काम करते जा रहे हैं.

जयराम ठाकुर ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिदिन हो रही हत्याएं और अपराधों का बढ़ता ग्राफ सरकार की नाकामी और पुलिस प्रशासन की विफलता को दर्शाता है, जहां अधिकारी अपराध रोकने के बजाय आंतरिक कलह में उलझे हुए हैं. सरकार के लिए अपराध रोकना अब प्राथमिकता नहीं रह गई है.

उन्होंने इन आगामी चुनावों को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ करार देते हुए दावा किया कि भाजपा इन चुनावों में जीत का परचम लहराएगी और इसी विजय रथ के साथ 2027 में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी. ताकि प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के विकास की रुकी हुई गति को पुनः बहाल किया जा सके और हिमाचल को प्रगति के पथ पर वापस लाया जा सके, क्योंकि प्रदेश की जनता अब कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति चाहती है और भाजपा को एकमात्र सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है.

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